क्या आप जानते हैं कि शनिदेव की प्रतिमा पर तेल क्यों चढ़ाते हैं?
अगर आप कभी शनि देव के मंदिर में गए होंगे तो आपने वहां पर लोगों को शनि देव की प्रतिमा पर तेल चढ़ाते हुए देखा होगा पर क्या आप जानते हैं? कि शनिदेव की प्रतिमा पर लोग तेल क्यों चढ़ाते हैं? अगर नहीं! तो आज मैं आपको बताऊंगा।
आइए जानते हैं कि आखिर क्यों शनि देव की मूर्ति पर तेल चढ़ाया जाता है?
Source: Wikipedia

आनंद रामायण की कथा के अनुसार जब श्री राम प्रभु अपनी बानरी सेना को लेकर लंका पर चढ़ाई करने के लिए निकले तो समुन्द्र ने श्री राम का मार्ग रोक दिया तथा समुंद्र को पर करने के लिए प्रभु राम को उस समुंद्र के ऊपर से एक सेतु का निर्माण करना था।
सेतु का निर्माण हुआ। पर एक समस्या थी कि उस सेतु की देखभाल कौन करे?

तो वहां पर उससे तो की देखभाल करने के लिए हनुमान जी को नियुक्त किया था क्योंकि हनुमान जी बलशाली थे और राक्षसों से उस सेतु को क्षति पहुंचाने से रक्षा कर सकते थे।

एक बार की बात है की शाम के समय हनुमान जी श्री राम प्रभु के ध्यान में मग्न होकर भजन गा रहे थे और उसी समय शनिदेव वहां पहुंचे और कहने लगे कि "मैंने सुना है तुम बहुत बलशाली हो अगर तुम बलशाली हो तुम मुझ से युद्ध करो"।

उस समय हनुमान जी ने शनि देव को यह कह के समझाया कि अभी मैं अपने प्रभु का ध्यान कर रहा हूं और अभी मैं राम भक्ति में मग्न हूं कृपया मेरी इस भक्ति में व्याधा मत डालिए।

परंतु शनिदेव ने कुछ ना सुना हनुमान जी को गुस्सा आया और हनुमान जी ने शनि देव को अपने पूछ में लपेटकर पत्थरों पर यहाँ वहां पटकना शुरू किया।

शनिदेव का शरीर खून से लथपथ हो गया और वे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगे और हनुमान जी से क्षमा मांगी और  हनुमान जी से खुद को उनके पूछ के बंधन से मुक्त करने के लिए विनती करने लगे।

हनुमान जी बोले पहले मुझे वचन दो कि मेरे प्रभु श्री राम के भक्तों को कभी कष्ट नहीं दोगे।

शनिदेव ने वचन दिया। ऐसा वचन पाकर हनुमानजी ने उन्हें बंधन मुक्त किया क्योंकि शनिदेव का शरीर लहूलुहान हो चुके था।
ऐसे में शनिदेव ने अपनी पीड़ा को मिटाने के लिए व घाव पर मरहम लगाने के लिए हनुमान जी से तेल मांगा।

"हनुमान जी ने शनिदेव को जो तेल दिया उसे शनिदेव द्वारा अपने घाव पर लगाते ही शनिदेव की सारी पीड़ा मिट गई तभी से शनि देव जी को तेल चढ़ाया जाता है।"

इस कहानी को पढ़ कर आप जान गए होंगे कि शनिदेव की प्रतिमा (मूर्ति) पर तेल क्यों चढ़ाया जाता है। अगर आप को किसी अन्य हिन्दू रीति रिवाज या किसी अन्य तथ्य के बारे में जानना हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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