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फिरोजशाह तुगलक का इतिहास (Firoz shah tughlaq Biography in Hindi)
- राज्यारोहण : 2 बार
- प्रथम : थट्टा
- द्वितीय : दिल्ली
फिरोजशाह तुगलक , मुहम्मद विन तुगलक के चाचा रज्जब का पुत्र था अपने आर्थिक एवं प्रशासनिक सुधारों के कारण इसे सल्तनत काल का अकबर कहा जाता है।
फिरोजशाह तुगलक(Firoz shah tughlaq) ने मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा लगाए गए तकाबी ऋण को माफ़ कर दिया ।
भू-राजस्व की व्यवस्था में सुधार करते हुए इसने कर की दर , कुल उपज का एक तिहाई(One Third) से एक चौथाई(One Fourth) कर दिया। फिरोजशाह तुगलक(Firoz shah tughlaq) ने 24 कष्टदायक करों को समाप्त कर दिया । इसने अलाउद्दीन द्वारा लगाए गए चरी एवं घरी कर को भी समाप्त कर दिया।
फिरोजशाह तुगलक(Firoz shah tughlaq) ने केवल 4 करों को ही जारी रखा । जिनकी अनुमति 'सरियत' में थी.
- खराज : यह एक प्रकार का भूमि कर था.
- जजिया : यह हिन्दुओं पर लगाया जाने वाला कर था. (ब्राह्मणों पर भी)
- जकात : मुस्लिमों से लिया जाने वाला स्वैच्छिक कर.
- ख़ुम्स : लूट में से राज्य का हिस्सा (1/5 वां हिस्सा राज्य या राजा के लिए 4/5 वां हिस्सा सेना के लिए).
उलेमा वर्ग के कहने पर फिरोजशाह तुगलक ने हक़-ए-शर्ब(Haq e Sharb) सिचाई कर लागू किया । जिसकी दर कुल उपज का 1/10 वां हिस्सा था ।
इसने सिचाई लिए 5 बड़ी नहरों तथा दिल्ली के निकट 10 छोटी नहरों का निर्माण कराया जिसमे दो प्रमुख हैं :
1. उलुगखानी जो की 150 मील लम्बी है
2. रजबाह नहर जोकि 96 मील लम्बी है
किसानों के कर भार को कम करने के लिए फिरोजशाह तुगलक(Firoz shah tughlaq) ने सूबेदारों द्वारा दी जाने वाली भेंट की प्रथा को भी समाप्त कर दिया.
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वेतन के बदले जागीर प्रदान किया जिसे 'वजह' कहा गया तथा जागीर प्राप्त करने वाले को "वजहगीर" कहा जाता था।
राज परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इसने 36 शाही कारखानों की स्थापना की थी। इसने लगभग 1200 बाग़ लगवाये थे। इसने अपने बड़े भाई जौना खां की स्मृति में जौनपुर नगर की स्थापना करवाई थी । जौनपुर को पूर्व का सिराज कहा जाता है ।
1408 ई में इब्राहिम शाह सर्कि ने अटाला मस्जिद का निर्माण करवाया ।
फिरोजशाह तुगलक ने हिसार , फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) , फिरोजपुर (पंजाब), फतेहाबाद जैसे लगभग 300 नगरों की स्थापना की। नगरों के निर्माण के लोए फिरोजशाह तुगलक ने लोक निर्माण विभाग की स्थापना की।
इसने अपनी राजधानी दिल्ली से फिरोजाबाद स्थान्तरित की। इसने कुतुबमीनार का मरम्मत करवाया। इसने मेरठ व टोपरा से प्राप्त अशोक स्तम्भ को दिल्ली ले गया।
फिरोजशाह तुगलक का सैन्य अभियान
फिरोजशाह तुगलक ने सेना, अमीर, तथा उलेमा वर्ग के प्रति तुष्टिकरण की नीति का पालन किया। इसने दक्षिण भारत को जीतने का प्रयास नहीं किया। बंगाल , सल्तनत से बाहर हो गया। फिरोजशाह ने बंगाल पर दो असफल अभियान किये । 1360ई में इसने जाजनगर (उड़ीसा) पर आक्रमण किया।
जगन्नाथ पुरी के मंदिर को नष्ट कर किया तथा मूर्ति को समुंद्र में फिकवा दिया। 1365 ई. में फिरोजशाह ने कांगड़ा के नगरकोट पर आक्रमण किया तथा वहां पर स्थित ज्वालामुखी मंदिर को नष्ट कर दिया तथा यहाँ से प्राप्त पांडुलिपियों को "दलयाते - फिरोजशाही" नाम से अनुवाद कराया।
फिरोजशाह तुगलक के विभाग व उनके कार्य
ये Points महत्वपूर्ण हैं यहाँ से प्रश्न Exam में पूछे जाते हैं.- दीवान-ए-वंदगान : दासों के देख-रेख के लिए
- दीवान-ए-खैरात : दान विभाग
- दार-उल-शफा : खैराती अस्पताल
- दफ्तर-ए-रोजगार : रोजगार कार्यालय
इसने मुस्लिम लड़कियों के विवाह के लिए मैरिज विवरो की स्थापना की थी। इसने अनुवाद विभाग की स्थापना की जिससे हिन्दू व मुस्लिम एक दूसरे के विचारों को जान सके ।
इसने हौज ए शम्सी(Hauz-e-shamsi) का मरम्मत करवाया, जिसको इल्तुमिश ने बनवाया था।
इसने अधा (जोकि जीतल का 50% होता था) तथा बिख (जोकि जीतल का 25% होता था) नामक तांबे व चाँदी मिश्रित सिक्के चलवाये।
फिरोजशाह तुगलक का मकबरा :
स्थिति : जौनपुर में आजमगढ मार्ग पर शहर के बाहर , यह मकबरा लाल पत्थर तथा संगमरमर द्वारा बनाया गया है तथा इसका आकार वर्गाकार है । इस मकबरे का मुख्य द्वार दक्षिण की तरफ है।
साहित्य :
- आत्मकथा : फतुहात - ए- फिरोजशाही ( फिरोजशाह तुगलक )
- तारीख - ए-फिरोजशाही : जियाउद्दीन बरनी
- फतवा- ए- जहांदारी : जियाउद्दीन बरनी
- ये सभी पुस्तकें फ़ारसी भाषा में थीं।
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तुगलक वंश का अंतिम शासक :- महमूद शाह
यह तुगलक वंश का अंतिम शासक महमूद शाह था। जिसने 1394 ई से 1414 ई तक सल्तनत पर शासन किया। इसके शासन काल के दौरान मालिक सरवर नामक हिजड़े ने जौनपुर में स्वतंत्र राज्य की स्थापना की। 1398ई में तैमूर लंग ने भारत पर आक्रमण किया।
फिरोजशाह तुगलक से जुड़े प्रश्न जो परीक्षा में पूछे गए हैं
प्रश्न संख्या 1 : दिल्ली का सुल्तान , जो दान-दक्षिणा के बारे में काफी ध्यान रखता था इसके लिए एक विभाग 'दीवान-ए-खैरात' (दान विभाग) स्थापित किया, वह था ? (RAS - 1999, RTS -2000)
1. इल्तुतमिश
2. फिरोज तुगलक
3. गयासुद्दीन शाह
4. बहलोल लोदी
उत्तर : 2 .फिरोज तुगलक
प्रश्न संख्या 2 : निम्नलिखित में से किस सुल्तान ने फलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए उपाय किए ? (BPSC 2001 )
1. मुहम्मद बिन तुगलक
2. फिरोज तुगलक
3. सिकंदर लोदी
4. शेरशाह सूरी
उत्तर : 2.फिरोज तुगलक
प्रश्न संख्या 3 : निम्नलिखित में से किस सुल्तान ने बेरोजगारों को रोजगार दिया ? (BPSC - 2002)
1. अलाउद्दीन खिलजी
2. मुहम्मद बिन तुगलक
3. फिरोज तुगलक
4. शेरशाह सूरी
उत्तर : 3. फिरोज तुगलक
प्रश्न संख्या 4 : निम्नलिखित में से किस सुल्तान के दरबार में सबसे अधिक गुलाम थे ? (BPSC - 2002)
1. बलबन
2. अलाउद्दीन खिलजी
3. मुहम्मद बिन तुगलक
4. फिरोज तुगलक
उत्तर : 4. फिरोज तुगलक
प्रश्न संख्या 5 : दिल्ली का सुल्तान , जो भारत में नहरों के सबसे बड़े जाल का निर्माण करने के लिए प्रसिद्ध है , वह था ? (UPSC -1998)
1. इल्तुतमिश
2. गयासुद्दीन तुगलक
3. फिरोजशाह तुगलक
4. सिकंदर लोदी
उत्तर : 3. फिरोजशाह तुगलक
प्रश्न संख्या 6: दिल्ली के किस सुल्तान ने ब्राह्मणो पर भी जजिया कर लगाया था ? (UPPCS - 2011, SSC CGL - 2015)
1. बलबन ने
2. फिरोज तुगलक ने
3. अलाउद्दीन खिलजी ने
4. मुहम्मद बिन तुगलक ने
उत्तर : 2. फिरोज तुगलक ने
प्रश्न संख्या 7 : फिरोज तुगलक द्वारा स्थापित दार-उल-शफा क्या था ? (UPPCS Pre - 2013)
1. एक दानशाला
2. एक खैराती अस्पताल
3. एक पुस्तकालय
4. तीर्थ यात्रियों के लिए अतिथिगृह
उत्तर : 2. एक खैराती अस्पताल
प्रश्न संख्या 8 : किस सुल्तान ने हासिल-ए-शर्ब या हक़-ए-शर्ब (एक प्रकार का सिचाई कर) नामक एक नया कर लगाया ?
1. फिरोज तुगलक
2. गयासुद्दीन खिलजी
3. मुहम्मद बिन तुगलक
4. अलाउद्दीन खिलजी
उत्तर : 1. फिरोज तुगलक
प्रश्न संख्या 9 : इन में से किस सुल्तान ने अपनी आत्मकथा (फतूहात-ए-फिरोजशाही) लिखी ?
1. बलबन
2. अलाउद्दीन खिलजी
3. फिरोज तुगलक
4. मुहम्मद बिन तुगलक
उत्तर : 3. फिरोज तुगलक
प्रश्न संख्या 10: निम्नलिखित में से किसने सेना को नकद वेतन देने की व्यवस्था समाप्त कर 'वजेह' (भूमिकर वसूलने का अधिकार) या इतलाक़ (धनादेश के लिए पत्र) के माध्यम से वेतन भुगतान का आदेश दिया ?
1. अलाउद्दीन खिलजी
2. बलबन
3. फिरोज तुगलक
4. गयासुद्दीन तुगलक
उत्तर : 3. फिरोज तुगलक
प्रश्न संख्या 11: किस सुल्तान ने 24 कष्टदायक करों के स्थान पर केवल 4 कर लगाए ?
1. गयासुद्दीन तुगलक
2. मुहम्मद बिन तुगलक
3. फिरोजशाह तुगलक
4. इनमे से कोई नहीं
उत्तर : 3. फिरोज तुगलक
Firoz Shah Tughlaq – Important FAQs for Competitive Exams
- फीरोज़ाबाद
- हिसार
- फतेहाबाद
- जौनपुर
- फीरोज़ शाह कोटला (दिल्ली)
- जामा मस्जिद (फीरोज़ाबाद)
- अनेक सराय, मस्जिदें और मदरसे
- जजिया
- खराज
- खुम्स
- जकात
- यमुना से हिसार तक नहर
- सतलुज से घग्गर तक नहर
- इनसे कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई।
- लोक-कल्याणकारी कार्य
- नहर निर्माण
- प्रशासनिक सुधार
- ऐतिहासिक स्मारकों का निर्माण
- शिक्षा और दान व्यवस्था
🤔 Did You Know? – Firoz Shah Tughlaq के 12 चौंकाने वाले तथ्य
1️⃣ उसने अशोक के स्तंभ दिल्ली मंगवाए.
Firoz Shah Tughlaq ने हरियाणा के टोपरा और मेरठ से सम्राट अशोक के पत्थर के स्तंभ उखड़वाकर दिल्ली मंगवाए।
इनमें से एक आज भी Feroz Shah Kotla में मौजूद है।
👉 मज़ेदार बात: उस समय ब्राह्मी लिपि पढ़ना किसी को नहीं आता था!
2️⃣ उसके पास 1,80,000 से अधिक गुलाम थे.
इतिहासकारों के अनुसार उसके पास लगभग 1,80,000 दास थे।
उनके लिए उसने अलग विभाग दीवान-ए-बंदगान बनाया — यह मध्यकालीन भारत में अनोखी व्यवस्था थी।
3️⃣ उसने कई कठोर कर खत्म कर दिए.
उसने अपने पूर्ववर्ती शासक Muhammad bin Tughlaq द्वारा लगाए गए कई गैर-जरूरी कर समाप्त कर दिए।
👉 इससे जनता में उसकी लोकप्रियता बढ़ी।
4️⃣ उसने ब्राह्मणों पर भी जजिया लगाया.
पहले ब्राह्मण जजिया कर से मुक्त थे, लेकिन फीरोज़ शाह ने यह छूट समाप्त कर दी।
5️⃣ उसने 300 से अधिक नहरें बनवाईं.
कृषि सुधार के लिए उसने बड़े पैमाने पर नहर निर्माण करवाया।
उसकी नीतियों से हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में खेती को बढ़ावा मिला।
6️⃣ उसने गरीबों के लिए अलग विभाग बनाया.
उसने “दीवान-ए-खैरात” नामक विभाग बनाया जो गरीबों, विधवाओं और अनाथों की सहायता करता था।
👉 इसे मध्यकालीन “वेलफेयर सिस्टम” माना जाता है।
7️⃣ उसने अस्पताल भी खुलवाए.
उसने “दार-उल-शिफा” नाम से सरकारी अस्पताल बनवाए, जहाँ मुफ्त इलाज होता था।
8️⃣ उसने नया शहर बसाया – फीरोज़ाबाद.
उसने दिल्ली में एक नया शहर बसाया, जो आज के Delhi का हिस्सा है।
9️⃣ उसने संस्कृत ग्रंथों का अनुवाद करवाया.
उसने कई संस्कृत ग्रंथों का फारसी में अनुवाद करवाया — यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान का उदाहरण है।
🔟 उसने अपनी आत्मकथा लिखवाई.
उसकी आत्मकथा “फुतूहात-ए-फीरोजशाही” कहलाती है, जिसमें उसने अपने कार्यों का वर्णन किया।
1️⃣1️⃣ वह युद्धप्रिय शासक नहीं था.
उसने अपने शासनकाल में बड़े विस्तारवादी युद्ध नहीं किए, बल्कि प्रशासन और निर्माण कार्यों पर ध्यान दिया।
1️⃣2️⃣ उसकी नरमी ने सल्तनत को कमजोर किया.
उसने अमीरों और सरदारों को अधिक शक्तियाँ दीं, जिससे बाद में दिल्ली सल्तनत कमजोर हो गई।
